चंडीगढ़, 29 मई 2026: हिमाचल प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचा दी है। शुक्रवार को प्रदेश के कई इलाकों में हुई जोरदार ओलावृष्टि और बारिश ने सेब की नकदी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। ओलों की मार इतनी तेज थी कि किसानों द्वारा लगाए गए एंटी-हेल नेट भी तार-तार हो गए।
सबसे ज्यादा नुकसान सेब बागवानों को हुआ है। मंडी जिले के करसोग (डींग व कथेड़), शिमला के रोहड़ू (शरोंथा) और कोटखाई (थरोला व खड़ापत्थर) तथा सिरमौर जिले के लाधी क्षेत्र (कोटी बौंच) में ओलावृष्टि ने किसानों की साल भर की मेहनत को बर्बाद कर दिया। कई बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
शुक्रवार को कल्पा में 2.3 मिलीमीटर, धर्मशाला और कांगड़ा में 0.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मंडी में बूंदाबांदी हुई। नाहन में तेज मेघ गर्जना हुई जबकि नेरी में 37 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली।
पिछले 24 घंटों में नाहन में 14.2 मिलीमीटर, पांवटा साहिब में 6.4 मिलीमीटर, धौलाकुआं में 3.5 मिलीमीटर और कुकुमसेरी में 2.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 1 से 29 मई तक प्रदेश में कुल 44 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 26 प्रतिशत कम है। हालांकि ऊना और सिरमौर में इस दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।
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