बठिंडा, 19 अप्रैल : नागरिकों को रिहायशी नक्शे प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए, बठिंडा के माननीय मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने “नक्शा मेला” नामक एक पायलट परियोजना की घोषणा की है। यह परियोजना मई में शुरू होगी और पूरे एक महीने तक चलेगी।
सभी अधिकारी एक ही कमरे में होंगे
यह पहली बार होगा कि मानचित्रों से संबंधित सभी अधिकारी जैसे आर्किटेक्ट, एटीपी, एमटीपी आदि एक ही कमरे में मौजूद रहेंगे, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस परियोजना के अंतर्गत “वन-स्टेप विंडो” प्रणाली लागू की जाएगी।
72 घंटे के भीतर नक्शे पास कर दिए जाएंगे
महापौर मेहता ने कहा कि “मानचित्र मेले” के दौरान आने वाले आवेदकों के मानचित्र मात्र 72 घंटे में स्वीकृत कर दिए जाएंगे। लोगों से केवल सरकारी फीस ही ली जाएगी, कोई अन्य अतिरिक्त राशि नहीं ली जाएगी।
676 फाइलें लंबित, 90 प्रतिशत आवासीय नक्शे
उन्होंने बताया कि वर्तमान में नगर निगम में नक्शों से संबंधित 676 फाइलें लंबित हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत आवासीय नक्शे हैं।

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