टाेरांटो, 25 अप्रैल : कनाडा की Federal Court of Canada ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए Jaskirat Singh Sidhu की डिपोर्टेशन पर अस्थायी रोक लगा दी। यह फैसला ऐसे समय आया जब उन्हें सोमवार सुबह भारत भेजा जाना तय था। यह मामला Humboldt Broncos bus crash से जुड़ा है, जो 6 अप्रैल 2018 को हुआ था। सिद्धू के ट्रक ने स्टॉप साइन पार करते हुए सस्केचेवान की जूनियर हॉकी टीम की बस को टक्कर मार दी थी, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी और 13 अन्य घायल हुए थे।
कोर्ट ने क्यों रोकी डिपोर्टेशन
जस्टिस Jocelyne Gagné ने यह राहत तब तक के लिए दी है, जब तक एक पुराने केस का फैसला नहीं आ जाता। इस केस में Canada Border Services Agency के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें सिद्धू की डिपोर्टेशन टालने से इनकार किया गया था। सिद्धू ने 2019 में 16 मौत और 13 घायल करने के मामलों में दोष स्वीकार किया था। उसी साल उन्हें 8 साल की सजा सुनाई गई जो इस तरह के अपराध में कनाडा के इतिहास की सबसे लंबी सजा मानी जाती है (बिना शराब या नशे के मामलों में)। उन्हें 2023 में पूर्ण पैरोल मिल गई थी।
मानवीय आधार पर रहने की अपील
2024 में Immigration and Refugee Board of Canada ने उनका स्थायी निवास (PR) रद्द कर दिया और उन्हें देश से बाहर भेजने का आदेश दिया। सिड्हू के वकीलों ने मानवीय और सहानुभूतिपूर्ण आधार (Humanitarian and Compassionate Grounds) पर कनाडा में रहने की अपील की है। उनका कहना है कि सिड्हू के छोटे बच्चे हैं, जिन पर इसका असर पड़ेगा। उनके बेटे को एक दुर्लभ फेफड़ों की बीमारी है, और भारत की खराब हवा उसके लिए जोखिम भरी हो सकती है।
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