चंडीगढ़, 09 जुलाई 2026: ईरान और अमेरिका एक दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्धविराम “ख़त्म” हो गया है। अब जब युद्धविराम नहीं रहा है, तो ट्रंप के लिए कांग्रेस और अमेरिकी जनता को यह समझाना मुश्किल हो सकता है कि वह अभी भी उस युद्ध को क्यों लड़ रहे हैं, जिसके बारे में उन्होंने शुरू में कहा था कि यह तीन से चार हफ़्ते तक चलेगा। मिज़ान समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान पर अमेरिकी हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के तीन सदस्य मारे गए हैं। दोनों तरफ से लगातार हो रहे हमलों ने बार-बार युद्धविराम को खतरे में डाला है, लेकिन गुरुवार को हुए हमले हर लिहाज़ से ज़्यादा बड़े लग रहे थे।
वहीं, ईरान ने अमेरिका की और सैन्य ‘साहसिक कार्रवाई’ के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ फोन पर बातचीत में ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ये हमले इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन हैं और उन्होंने अमेरिका को और सैन्य ‘साहसिक कार्रवाई’ न करने की चेतावनी दी और कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में दखल दिया तो करारा जवाब दिया जाएगा।
इधर, इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और उनका इरादा लेबनान में इज़राइली सेना को “जब तक ज़रूरत हो” तब तक बनाए रखने का है। नेतन्याहू ने इज़राइली मीडिया से कहा, “ईरान की सरकार को करारी चोट पहुंची है, और हमारी नीति साफ़ है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, चाहे समझौता हो या न हो। युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है, और हमारे सामने नई चुनौतियां आ रही हैं।”
ये भी देखें: नेतन्याहू ने कहा – ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई जिंदा, लेकिन सत्ता पर पकड़ कमजोर

More Stories
भारत-ऑस्ट्रेलिया यूरेनियम डील पर मुहर, क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर पर सहमति
खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच ईरान ने होर्मुज में फिर शुरू किए हमले
सुरक्षा कारणों से अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में मुजतबा खामेनेई नहीं होंगे शामिल