संयुक्त राष्ट्र, 1 जुलाई : भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और दुनियां से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। जयशंकर ने कहा कि आतंकवादी संगठन कुछ देशों के प्रॉक्सी के रूप में काम करते हैं। इसलिए ऐसा नहीं होने देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने विश्व समुदाय से अपील की है कि किसी भी देश को परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकना चाहिए।
अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं जयशंकर
पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का बदला आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश देता है। एस जयशंकर अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। वहां उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘आतंकवाद की मानवीय कीमत’ शीर्षक से एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी 30 जून से 3 जुलाई और 7 से 11 जुलाई तक दो स्थानों पर प्रदर्शित की जाएगी। उद्घाटन ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता शुरू करने जा रहा है।
‘आतंकवाद शांति के लिए खतरा है’
जयशंकर ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसके लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को सजा देने की मांग की है। भारत ने हमले के दो सप्ताह बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘किसी भी देश द्वारा आतंकवाद को समर्थन को उजागर किया जाना चाहिए और उसका मुकाबला किया जाना चाहिए।’
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