April 16, 2026

जंग के साये में तेहरान के गुरुद्वारा साहिब में मनाई गई वैशाखी

जंग के साये में तेहरान के गुरुद्वारा साहिब...

तहरान, 16 अप्रैल : ईरान के सबसे पुराने गुरुद्वारों में से एक, तेहरान स्थित गुरुद्वारा भाई गंगा सिंह सभा में मंगलवार को जंग जैसे हालात के बीच खालसा साजना दिवस और वैशाखी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। साल 1941 में स्थापित यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा तेहरान के जनजीवन और यहां की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

श्रद्धालुओं का उत्साह, लंगर और कीर्तन बना हौसले की मिसाल

मौजूदा गंभीर हालात के बावजूद सिख श्रद्धालुओं द्वारा खुशी और फसल के इस त्योहार को मनाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। तेहरान के स्थानीय निवासियों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में अखंड पाठ के भोग डाले गए और रागी जत्थों ने गुरबाणी का कीर्तन किया। इस अवसर पर निशान साहिब के चोला साहिब की सेवा पूरी मर्यादा के साथ संपन्न हुई और संगत ने पारंपरिक ‘चोला चढ़ाने’ की रस्म भी निभाई। जंग के इस दौर में गुरुद्वारे में निरंतर चल रहे लंगर की तस्वीरें मानवता, उम्मीद और हिम्मत का प्रतीक बनकर सामने आईं।

गौरतलब है कि तेहरान स्थित यह गुरुद्वारा भारतीय नेताओं के ईरान दौरे का भी एक अहम पड़ाव रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई 2016 को अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे की शुरुआत यहीं मत्था टेककर की थी। यह दौरा साल 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी के दौरे के बाद 15 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला द्विपक्षीय दौरा था।