चंडीगढ़, 23 अप्रैल: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को मंगलवार को बताया गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अभी तक हिरासत में रखने का कोई नया आधार नहीं दिया गया है। उनके वकील ने अदालत को बताया कि उनके पास तीसरे हिरासत आदेश को चुनौती देने के लिए अभी तक कोई निर्देश नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति सुमित गोयल की खंडपीठ के समक्ष अमृतपाल का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस बैंस ने कहा कि वह अब भी इस बात पर जोर देंगे कि अदालत पहले से लंबित मामले पर फैसला करे।
बैंस ने कहा कि दूसरा नजरबंदी आदेश आज समाप्त हो गया। तीसरा नजरबंदी आदेश अभी तक प्रदान नहीं किया गया है। लेकिन उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे वर्तमान हिरासत आदेश के खिलाफ याचिका पर पीठ द्वारा सुनवाई किए जाने पर जोर दें।
अब इस मामले की सुनवाई जुलाई में पुनः होगी।
उन्होंने कहा कि अदालत को यह निर्धारित करने की आवश्यकता है कि क्या सोशल मीडिया पोस्ट का उपयोग किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने के लिए किया जा सकता है। प्रारंभ में अमृतपाल और उनके नौ सहयोगियों को एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। लेकिन राज्य ने इस वर्ष मार्च और अप्रैल में उनके सहयोगियों के खिलाफ एनएसए हटा लिया, जबकि उनकी नजरबंदी तीसरे वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है। राज्य की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता ने पीठ को अन्य बंदियों से संबंधित मामलों की स्थिति के बारे में जानकारी दी, जिनमें से अधिकांश की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद मामले समाप्त हो गए। अब इस मामले की सुनवाई जुलाई में पुनः होगी।

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